जमुई का जुमला, विधायक हो तो चकाई जैसा!
वचन के पक्के और नीती सिद्धांत के सच्चे है चकाई के युवा विधायक व् भोजपुरी फ़िल्म अभिनेता सुमित कुमार सिंह उर्फ़ विक्की जी । क्षेत्र के विकास के लिये इन्होंने पिछले दिनों सूबे में छिड़े सत्ता संग्राम की लड़ाई में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना समर्थन देकर यह साबित कर दिया की वे क्षेत्र के आवाम के लिये पूर्णरूपेण समर्पित है। नीती सिद्धान्त की कुर्बानी देकर क्षेत्र के विकास को अवरुद्ध होने से इन्होंने अपनी सूझ-बुझ से बचा लेने में कामयाबी पायी। क्योंकि सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इनकी सदस्यता खत्म करने की फ़िराक में थे। यदि विधायक सुमित कुमार सिंह इन्हें अपना समर्थन नहीं देते तो इनकी सदस्यता खत्म कर दी जा सकती थी, जिससे चकाई का विकास अवरुद्ध हो जाता। गौरतलब है की वर्षो से जिले के सुदूरवर्ती चकाई में बिजली लाना उतना ही दुरूह कार्य था जैसे जंगल से शेरनी के दूध को लेकर आना। जनता के साथ किये गये वायदे को इन्होंने अथक प्रयास करके चकाई में बिजली लाई और अँधेरे को भगाकर रोशनी का प्रकाश फैलाया।किसी भी क्षेत्र के विकास के लिये बिजली,सड़क, सिंचाई,पेयजल,शिक्षा,व् स्वास्थ्य अहम् होती है। बरनार जलाशय योजना को मूर्त रूप देने और अति नक्सल प्रभावित चरकापथल के इलाके सहित सुदूर ग्रामो को सड़क मार्ग के संजाल से उन इलाकों में विकास को नया आयाम दिया। 20 वर्षो के बाद इस दफा चकाई में मैट्रिक परीक्षा का केंद्र स्थापित हुआ जिससे छात्राओ और उनके अभिवावकों को मानसिक और आर्थिक राहत मिली। बताते चले की मुद्दा छोटा हो या बड़ा। शोक हो या ख़ुशी। सबो के सुख-दुःख के सहभागी बनने के लिये जन-जन के करीब रहने की इनकी इस अदा के सभी कायल रहते है। इसलिये आमजनों में यह जुमला बन चूका है की विधायक हो तो चकाई जैसा।
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