बिहार में गठबंधन की कोशिश में भाजपा
नई दिल्ली। भाजपा ने बिहार में नए गठबंधन को लेकर सभी विकल्प खुले रखे हैं। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी के साथ गठबंधन के सवाल पर साफ किया है कि इस बारे में अभी तक कोई फैसला नहीं किया गया है और सारी संभावनाएं खुली हुई हैं। शाह ने कहा कि भाजपा के लिए हर चुनाव चुनौती होता है और बिहार का चुनाव भी वह उसी तरह लेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे या मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर चुनाव लड़ने के सवाल पर शाह ने स्पष्ट किया कि इस बारे में भी अभी कोई फैसला नहीं किया गया है।
भाजपा के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती बिहार के विधानसभा चुनाव है और इसके लिए उसने जमीनी तैयारी भी शुरू कर दी है। एक मई से शुरू हो रहे महासंपर्क अभियान को वह बिहार में पूरी तरह से चुनावी मोड़ में लेगी। पार्टी राज्य में नए बने 93 लाख से ज्यादा सदस्यों के साथ संपर्क करेगी और उनके परिवारों व परिचितों तक पहुंच बनाएगी। नए सदस्यों को जो साहित्य दिया जाएगा, उसमें भाजपा के इतिहास व विचारधारा के साथ केंद्र की मोदी सरकार की उपलब्धियों की एक पुस्तिका भी शामिल रहेगी। इसमें जनधन योजना से लेकर भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर किसानों के लिए उठाए गए कदमों का भी जिक्र होगा। शाह ने कहा है कि बिहार में भाजपा का लोजपा व रोलसपा के साथ पहले से ही गठबंधन है। गठबंधन के विस्तार के विकल्प खुले हुए हैं। चुनावों के लिए पार्टी पूरी तरह से तैयार है।
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