बेगूसराय। 21वीं सदी में भी आदिम जमाने का नजारा तब देखने को मिला जब भूख के कारण एक व्यक्ति सड़क के बीच बैठकर एक मुर्गा का कच्चा मांस खाता देखा गया। सड़क से गुजरने वाले सैकड़ों लोगों की नजर उस पर पड़ी लेकिन उसके प्रति किसी की संवेदना नहीं जगी। मामला जिला मुख्यालय के नगर थाना से महज 100 मीटर दूर मुर्गा फार्म के पास की है जहां वह व्यक्ति भूख के मारे मुर्गा विक्रेता द्वारा फेंके गए मुर्गे के मांस को कच्चा ही खाता रहा और लोग उसे देखकर नांक भौं सिकोड़ते चलते बने। एक तरफ सरकार गरीब उन्मुखीकरण को लेकर कई योजनाएं चला रही है लेकिन आज भी उन योजनाओं का लाभ वास्तविक लोगों तक नहीं पहुंच पाता है। जिससे आज भी सैकड़ों ऐसे लोग हैं जो पेट भरने के लिए या तो भीख मांगते हैं या फिर कूड़े कचड़े में पड़े सड़े गले खाद्य पदार्थ चुनकर खाते हैं।
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