सवारी जीप तालाब में पलटी, पांच बच्चों की मौत
स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार सावन के पहले सोमवार को यहां के ब्रह्मपुर के बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर में एक फैमिली पूजा करने गई थी। उन्होंने शिवसागर तालाब किनारे गाड़ी खड़ी की थी। बच्चे गाड़ी में बैठे थे। उन्होंने खेल-खेल में गाड़ी का हैंडब्रेक हटा दिया जिसके बाद बोलेरो तालाब में घुस गई। उसमें बैठे पांचों बच्चे डूब गए। इनमें तीन लड़कियां थीं। पांचों की लाशें मिल चुकी हैं।
हादसे में उजड़ा दो भाइयों का परिवार
इस हादसे में भोजपुर जिला के महुली गांव के चुन्नू यादव और उनके भाई बुचुन यादव का परिवार उजड़ गया। दोनों भाई ब्रह्मेश्व धाम पूजा करने गए थे। उन्होंने मंदिर के पास स्थित शिवसागर तालाब के किनारे गाड़ी पार्क की और बच्चों को अंदर ही छोड़कर पूजा करने चले गए। आसपास मौजूद लोगों के मुताबिक, गाड़ी में बैठे बच्चों ने गलती से गाड़ी का गियर छुड़ाकर उसे न्यूट्रल कर दिया। बच्चों ने हैंडब्रेक भी हटा दिया। हैंडब्रेक हटते ही गाड़ी तालाब में लुढ़कने लगी। गाड़ी लुढ़कते ही बच्चे चिल्लाने लगे। आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही गाड़ी तालाब में जा गिरी।
इस हादसे में भोजपुर जिला के महुली गांव के चुन्नू यादव और उनके भाई बुचुन यादव का परिवार उजड़ गया। दोनों भाई ब्रह्मेश्व धाम पूजा करने गए थे। उन्होंने मंदिर के पास स्थित शिवसागर तालाब के किनारे गाड़ी पार्क की और बच्चों को अंदर ही छोड़कर पूजा करने चले गए। आसपास मौजूद लोगों के मुताबिक, गाड़ी में बैठे बच्चों ने गलती से गाड़ी का गियर छुड़ाकर उसे न्यूट्रल कर दिया। बच्चों ने हैंडब्रेक भी हटा दिया। हैंडब्रेक हटते ही गाड़ी तालाब में लुढ़कने लगी। गाड़ी लुढ़कते ही बच्चे चिल्लाने लगे। आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही गाड़ी तालाब में जा गिरी।
लोगों ने खींचकर निकाली गाड़ी पर नहीं बचाए जा सके बच्चे
हादसे की जानकारी मिलते ही मंदिर में पूजा करने पहुंचे भक्तों की भीड़ तालाब किनारे जुट गई। पहले एक नाव की सहायता से गाड़ी और बच्चों की खोजबीन की गई। गाड़ी का पता चलते ही गांव के लोग पानी में उतर गए। लोगों ने कार को रस्सी से बांधा और उसके एक छोड़ को तालाब के किनारे मौजूद लोगों को दे दिया। लोगों ने रस्सी खींचनी शुरू की, जिससे धीरे-धीरे कार बाहर आ गई। लोगों की कोशिश से कार तो बाहर आ गई, लेकिन बच्चों की जान नहीं बचाई जा सकी। इस दौरान सैकड़ों लोगों की भीड़ तालाब किनारे खड़ी रही।
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