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गुजरात की मोदी साड़ी से बिहार में लुभाएगी भाजपा

gujrati sari5 लाख साड़ियां पैक कर भेजी गर्इं बिहार
मेल्विन रेजीथॉमस, सूरत ।
गुजरात का सूरत शहर अपनी टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए जाना जाता है। 40 हजार करोड़ रुपए की इस बड़ी इंडस्ट्री में लगभग 5 लाख बिहारी वर्कर्स यहां रहकर काम करते हैं और हर महीने अपने घर पैसे भेजते हैं। बिहार से आकर यहां काम करने वाले लोग दिन के कम से कम 500 रुपए कमा लेते हैं। ये लोग घर जाते समय अकसर घर की महिलाओं के लिए सूरत की साड़ी ले जाते हैं। सूरत की साड़ियों का देश भर में अपना एक अलग महत्व है। इसी साड़ी प्रेम को बीजेपी इस बार के बिहार चुनाव में भुनाने का प्रयास करने में लगी है। नवसारी से सांसद और बिहार चुनाव के सह प्रभारी सी आर पाटिल को उम्मीद है कि साड़ी के जरिए बिहार के उन पांच लाख परिवारों तक आसानी से पहुंचा जा सकता है जिनके घर का कोई न कोई सूरत की इन कपड़ा मिलों में काम करता है।
बिहार चुनाव को ध्यान में रखते हुए लगभग पांच लाख साड़ियां चुनाव के मद्देनजर विशेष रूप से पैक की गई हैं। इन पैकेट्स के सबसे ऊपर मोदी की फोटो लगी है और ये पैकेट्स बिहार के लिए रवाना भी किए जा चुके हैं। पाटिल काफी लंबे अरसे से बिहार के लिए रणनीति को लेकर मोदी के बेदह विश्वसनीय रहे हैं। इस बार पाटिल ने सूरत के करीब 25 बिहारी कपड़ा व्यापारियों के जरिए इन 'विशेष' साड़ियों को बिहार में बिक्री के लिए भेजा है। पाटिल ने कहा, ये हमारे बिहारी व्यापारी साथियों का प्यार और स्नेह ही है कि उन्होंने साड़ी के जरिए हमारी ब्रांडिंग करने की योजना बनाई है। इन साड़ियों को मुफ्त न बांटकर इनकी बिक्री की जाएगी।

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