दूसरी पीढ़ी का लीडर तैयार करेगी कांग्रेस
पटना। महागठबंधन में 40 सीटें मिलने के साथ ही कांग्रेस ने भविष्य की राजनीति का ताना बाना बुनना शुरू कर दिया है। भविष्य की राजनीति के लिए इस बार सेकेंड जेनरेशन के नेताओं को सामने लाने की कोशिश है। अधिकांश सीटों पर युवा चेहरों पर दांव लगाने का मन पार्टी ने बनाया है। कांग्रेस के वे पुराने चेहरे जो बार-बार चुनाव हारते रहे हैं उन्हें टिकट से वंचित होना पड़ सकता है।
कांग्रेस का प्रदेश नेतृत्व इस बार यह साबित करने की हर संभव कोशिश करेगा कि जिस तरह उसने अपने रणनीतिक कौशल से बड़ी आसानी से तालमेल में 40 सीटें हासिल कर ली है, उसी तरह वह चुनाव में सफलता भी दर्ज कराकर अपना लोहा मनवाए। पार्टी के जिला अध्यक्षों की बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चौधरी को टिकट बंटवारे के लिए अधिकृत कर दिया गया है। पार्टी ने इस बार टिकट बंटवारे की जो कसौटी तय की है उसमें पहली प्राथमिकता जिताऊ उम्मीदवारों का चयन है। पिछले चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करने वालों को तरजीह मिलेगी। यह भी देखा जाएगा कि वह पार्टी के संगठन का व्यक्ति हो। जिस सीट से बेहतर युवा चेहरे दिखेंगे, वहां पर उन्हें टिकट देने में प्राथमिकता दी जाएगी। महिलाओं पर पार्टी का सिर्फ इतना फोकस है कि जहां पर जिताऊ महिला प्रत्याशी नजर आएंगी, उन्हें टिकट दिया जाए। इस कसौटी के मूल में राजनीति में नए पौध लगाने की पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी की सोच है। हालांकि पार्टी पदाधिकारी अल्पसंख्यकों को भी टिकट बंटवारे में प्राथमिकता देने की बात कर रहे हैं। यह भी दावा कर रहे हैं कि आपराधिक छवि के किसी नेता को टिकट नहीं दिया जाएगा।
गौरतलब है कि कांग्रेस को 2010 के विधानसभा चुनाव में कुल चार सीटों पर जीत हासिल हुई थी। यह सफलता तब मिली थी, जब कांग्रेस ने किसी से गठबंधन नहीं किया था। बाद में हुए उपचुनाव में भागलपुर सीट से भी कांग्रेस को सफलता मिली। इसके बाद कांग्रेस विधायकों की संख्या सदन में पांच हो गई। इस बार भी कांग्रेस ने सभी 243 सीटों से संभावित प्रत्याशियों की सूची बनाई थी। गठबंधन में 40 सीटें मिलने के बाद अब चुनाव मैदान में जाने के इच्छुक नेताओं की नजर इस पर है कि समझौते में पार्टी को कौन-कौन सी सीटें मिलती हैं। जो सीटें मिलेंगी, उनमें से किसी पर उनका दावा बनेगा या नहीं। from livehindustan.com
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