इन पांच कारणों से लालू बने वोटों के जादूगर
नई दिल्ली। बिहार के नतीजे तकरीबन स्पष्ट हैं और लालू यादव इस मुकाबले के सबसे बड़े खिलाड़ी के तौर पर उभर कर सामने आए हैं। अभी तक करीब 75 सीटों पर उनकी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल बढ़ÞÞत बनाए हुए है। वोट शेयर की बात करें तो फिलहाल तक 17.7 प्रतिशत वोटों के साथ उनकी पार्टी दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर दिखाई दे रही है।
आइए देखते हैं वो कौन से कारण थे जिन्होंने लालू को एक बार फिर से ह्यवोटों का जादूगरह्य बना दिया-
1. यह बात पहले से ही साफ थी कि लालू की पार्टी को चाहे जितनी सीटें मिलें लेकिन अगर महागठबंधन सत्ता में आता है तो सीएम नीतीश कुमार ही होंगे। लालू यादव ने अपनी हर सभा में भी यह बात कही थी। नीतीश की साफ छवि को लालू ने बखूबी भुनाया।
2. लालू बिहार की राजनीति को भली-भांति जानते हैं और उनको पता है कि किस तरह से जनता की नब्ज को पकड़ना है। पिछला कुछ समय उनके लिए खराब जरूर रहा लेकिन इस बार उन्होंने साबित कर दिया कि इस मैदान के वे मंझे हुए खिलाड़ी हैं।
3. आरक्षण के मुद्दे को लालू ने बखूबी भुनाया। मोहन भागवत के बयान के बाद जो सियासी भूचाल खड़ा हुआ उस पर लालू ने राजनीति के ऐसे दांव खेले कि पिछड़ा समाज उनके पक्ष में आ खड़ा हुआ।
4. जुबानी जंग में भी लालू पीछे नहीं रहे। ह्यशैतानह्य, और ह्यब्रह्मपिशाचह्य जैसे विवादों के बावजूद वह जनता को अपने साथ जोड़ पाए। ह्यबेटी को सेटह्य करने वाले मोदी के बयान को भी उन्होंने अपने पक्ष में भुना लिया।
5. अपने ठेठ गवंई अंदाज को वह इस बार सोशल मीडिया पर भी ले आए। उनकी रैलियों में काफी भीड़ जुटी जिसे वह वोटों में बदलने में भी कामयाब रहे।
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