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एग्जिट पोल के रुझान, NDA को दलितों, महादलितों, अत्यंत पिछड़ों में बढ़त

Bihar assembly elections




नई दिल्ली.बिहार विधानसभा चुनाव के बाद जारी हुए एग्जिट पोल के रुझानों पर यकीन करें तो राज्य के दलित मतदाताओं के एक बड़े हिस्से ने केंद्र में सत्तारूढ़ BJP की अगुआई वाले NDA गठबंधन के पक्ष में वोट किया है।  सीवोटर के चुनाव बाद सर्वेक्षण के मुताबिक इस बार के विधानसभा चुनावों में 49 फीसदी दलितों ने BJP गठबंधन को और 36 फीसदी ने महागठबंधन को वोट किया है। हालांकि सीवोटर ने इससे पहले जब अगस्त, 2015 में सर्वेक्षण किया था कि 40 फीसदी दलित मतदाता BJP के पक्ष में थे और 37 फीसदी RJD वाले खेमे के पक्ष में।





लेकिन सितंबर के सर्वेक्षण में दलित मतदाताओं का समर्थन बढ़कर 57 फीसदी हो गया जबकि महागठबंधन के पक्ष खड़े दलितों की तादाद घटकर 32 फीसदी हो गई थी। अक्टूबर में 44 फीसदी दलित BJP के पक्ष में थे तो 28 फीसदी दलित वोटर महागठबंधन के साथ।

महादलित वोटर
साल 2014 के लोकसभा चुनाव में महादलित मतदाताओं ने भी BJP को बड़ी तादाद में वोट किया था। इस चुनाव में 33 फीसदी महादलित वोटर BJP के साथ थे लेकिन बिहार विधानसभा चुनावों के लिए एग्जिट पोल से मिल रहे रुझानों के मुताबिक 46 फीसदी महादलित वोटर NDA के गठबंधन के साथ हैं तो 35 फीसदी महादलित वोटर महागठबंधन के साथ।


सीवोटर के मुताबिक अगर यह चुनाव अगस्त, 2015 में हुआ होता तो 42 फीसदी महादलित वोटर BJP के पक्ष में खड़े होते और 29 फीसदी महादलित वोटर महागठबंधन के पक्ष में। सितंबर में किए गए सर्वे में 47 फीसदी महादलित BJP के साथ थे तो 34 फीसदी ने RJD और JDU के खेमे के पक्ष में अपनी राय दी थी। हालांकि अक्टूबर, 2015 में महादलितों का BJP के लिए समर्थन घटकर 41 फीसदी हो गया था और महागठबंधन के लिए 33 फीसदी।



अत्यंत पिछड़ी जातियों का समर्थन
सीवोटर ने 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव के लिए कराए गए एग्जिट पोल में BJP गठबंधन को अत्यंत पिछड़ी जातियों के 43 फीसदी वोट मिलने की भविष्यवाणी की है जबकि 40 फीसदी लोगों ने महागठबंधन के पक्ष में राय बनाई है। अगस्त, 2015 में अगर विधानसभा चुनाव हुए होते तो अत्यंत पिछड़ा वर्ग के 46 फीसदी वोटरों ने BJP को वोट दिया होता जबकि 29 फीसदी वोटर महागठबंधन के साथ खड़ा था।


ठीक एक महीने बाद किए गए सर्वेक्षण में अत्यंत पिछड़ी जातियों के मतदाताओं का समर्थन BJP के लिए बढ़कर 50 फीसदी हो गया था जबकि पिछले महीने के सर्वे में भी यह समर्थन बरकरार था। हालांकि एग्जिट पोल के रुझान कुछ और संकेत दे रहे हैं। महागठबंधन के लिहाज से देखें तो सितंबर, 2015 में चुनाव होने पर अत्यंत पिछड़ी जातियों के 39 फीसदी वोटरों ने उनका साथ दिया होता जबकि अक्टूबर में यह भरोसा कमजोर होकर 31 फीसदी मतदाताओं तक सिमट कर रह गया था। from नवभारतटाइम्स.कॉम





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