नौकरी तभी बचेगी जब बारहवीं में होंगे पचास प्रतिशत नंबर
12वीं में 50 फीसदी अंक आने पर ही बचेगी नौकरी, नहीं तो छुट्टी
पटना : राज्य के सरकारी स्कूलों के करीब 30 हजार अप्रशिक्षित नियोजित शिक्षकों, जिन्हें इंटरमीडिएट में 50 फीसदी से कम अंक आये हैं, उन्हें फिर से इंटरमीडिएट में नामांकन लेना होगा. इन अप्रशिक्षित शिक्षकों को डीएलएड (डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन) प्रशिक्षण के साथ-साथ 12वीं में 50 फीसदी से अधिक अंक लाना होगा.
अगर वे 12वीं में 50 फीसदी से कम अंक लायेंगे तो उनकी नौकरी नहीं बचेगी और उन्हें सेवा से हटा दिया जायेगा. वर्तमान में राज्य के प्रारंभिक स्कूलों में करीब 45 हजार नियोजित शिक्षक अप्रशिक्षित हैं. इनमें से करीब 30 हजार शिक्षक ऐसे हैं, जिन्हें इंटरमीडिएट में 45 फीसदी से भी कम अंक हैं.
केंद्र सरकार के निर्देश के बाद राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के अप्रशिक्षित शिक्षकों को 31 मार्च, 2019 तक हर हाल में प्रशिक्षण ले लेना होगा. इसमें अप्रशिक्षित शिक्षकों के इंटरमीडिएट में 50 फीसदी अंक होने अनिवार्य हैं. जिन शिक्षकों का इंटरमीडिएट में 50 फीसदी अंक नहीं है, उन्हें डीएलएड के साथ-साथ इंटरमीडिएट में नामांकन लेना होगा. शिक्षक डीएलएड अौर इंटरमीडिएट की एक साथ परीक्षा देंगे, अगर वे डीएलएड में पास कर जाते हैं अौर इंटरमीडिएट में फिर से 50 फीसदी अंक नहीं ला पाते हैं तो उन्हें सेवा से हटा दिया जायेगा. अप्रशिक्षित शिक्षकों की राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान (एनआइओएस) से प्रशिक्षण कराया जायेगा. इसके लिए शिक्षकों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है.
डीएलएड के लिए जहां छह हजार रुपये और इंटरमीडिएट के लिए 4500 रुपये जमा किये जा रहे हैं. रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 15 सितंबर तक चलेगी, वहीं तीन अक्तूबर से दूरस्थ शिक्षा के जरिये अप्रशिक्षित शिक्षकों को ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जायेगी.
शिक्षा विभाग के सचिव पूरे मामले की मॉनीटरिंग करेंगे. उनकी अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है. इसमें प्राथमिक शिक्षा निदेशक, शोध व प्रशिक्षण के निदेशक, राज्य शिक्षा, शोध व प्रशिक्षण परिषद् और प्राथमिक शिक्षा के संयुक्त निदेशक को सदस्य बनाया गया है. वहीं, राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान के क्षेत्रीय निदेशक को बिहार का नोडल पदाधिकारी बनाया गया है.
ऑनलाइन एडमिशन लेने की प्रक्रिया
डीएलएड के साथ-साथ 12वीं में ऑनलाइन एडमिशन के लिए अप्रशिक्षित शिक्षकों को अपना नाम, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, स्कूल का यू-डाइस कोड मुख्य रूप से भरना होगा. साथ ही डीएलएड कोर्स के लिए 6000 रुपये और इंटरमीडिएट के लिए 4500 रुपये की फीस एनआइओएस को पोर्ट के जरिये देनी होगी.
स्वयं पोर्टल पर मिलेगा कोर्स मेटेरियल
अप्रशिक्षित नियोजित शिक्षकों की ऑनलाइन ट्रेनिंग के लिए केंद्र सरकार के स्वयं पोर्टल पर राष्ट्रीय मुक्त विद्यालीय शिक्षा संस्थान की ओर से डीएलएड से जुड़े कोर्स मेटेरियल अपलोड की जायेगी. इसमें सभी नामांकित अप्रशिक्षित शिक्षक डाउनलोड कर पढ़ सकेंगे. शिक्षकों को कोर्स मेटेरियल तीन अक्तूबर से मिलने लगेंगे.
पटना : राज्य के सरकारी स्कूलों के करीब 30 हजार अप्रशिक्षित नियोजित शिक्षकों, जिन्हें इंटरमीडिएट में 50 फीसदी से कम अंक आये हैं, उन्हें फिर से इंटरमीडिएट में नामांकन लेना होगा. इन अप्रशिक्षित शिक्षकों को डीएलएड (डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन) प्रशिक्षण के साथ-साथ 12वीं में 50 फीसदी से अधिक अंक लाना होगा.
अगर वे 12वीं में 50 फीसदी से कम अंक लायेंगे तो उनकी नौकरी नहीं बचेगी और उन्हें सेवा से हटा दिया जायेगा. वर्तमान में राज्य के प्रारंभिक स्कूलों में करीब 45 हजार नियोजित शिक्षक अप्रशिक्षित हैं. इनमें से करीब 30 हजार शिक्षक ऐसे हैं, जिन्हें इंटरमीडिएट में 45 फीसदी से भी कम अंक हैं.
केंद्र सरकार के निर्देश के बाद राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के अप्रशिक्षित शिक्षकों को 31 मार्च, 2019 तक हर हाल में प्रशिक्षण ले लेना होगा. इसमें अप्रशिक्षित शिक्षकों के इंटरमीडिएट में 50 फीसदी अंक होने अनिवार्य हैं. जिन शिक्षकों का इंटरमीडिएट में 50 फीसदी अंक नहीं है, उन्हें डीएलएड के साथ-साथ इंटरमीडिएट में नामांकन लेना होगा. शिक्षक डीएलएड अौर इंटरमीडिएट की एक साथ परीक्षा देंगे, अगर वे डीएलएड में पास कर जाते हैं अौर इंटरमीडिएट में फिर से 50 फीसदी अंक नहीं ला पाते हैं तो उन्हें सेवा से हटा दिया जायेगा. अप्रशिक्षित शिक्षकों की राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान (एनआइओएस) से प्रशिक्षण कराया जायेगा. इसके लिए शिक्षकों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है.
डीएलएड के लिए जहां छह हजार रुपये और इंटरमीडिएट के लिए 4500 रुपये जमा किये जा रहे हैं. रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 15 सितंबर तक चलेगी, वहीं तीन अक्तूबर से दूरस्थ शिक्षा के जरिये अप्रशिक्षित शिक्षकों को ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जायेगी.
शिक्षा विभाग के सचिव पूरे मामले की मॉनीटरिंग करेंगे. उनकी अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है. इसमें प्राथमिक शिक्षा निदेशक, शोध व प्रशिक्षण के निदेशक, राज्य शिक्षा, शोध व प्रशिक्षण परिषद् और प्राथमिक शिक्षा के संयुक्त निदेशक को सदस्य बनाया गया है. वहीं, राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान के क्षेत्रीय निदेशक को बिहार का नोडल पदाधिकारी बनाया गया है.
ऑनलाइन एडमिशन लेने की प्रक्रिया
डीएलएड के साथ-साथ 12वीं में ऑनलाइन एडमिशन के लिए अप्रशिक्षित शिक्षकों को अपना नाम, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, स्कूल का यू-डाइस कोड मुख्य रूप से भरना होगा. साथ ही डीएलएड कोर्स के लिए 6000 रुपये और इंटरमीडिएट के लिए 4500 रुपये की फीस एनआइओएस को पोर्ट के जरिये देनी होगी.
स्वयं पोर्टल पर मिलेगा कोर्स मेटेरियल
अप्रशिक्षित नियोजित शिक्षकों की ऑनलाइन ट्रेनिंग के लिए केंद्र सरकार के स्वयं पोर्टल पर राष्ट्रीय मुक्त विद्यालीय शिक्षा संस्थान की ओर से डीएलएड से जुड़े कोर्स मेटेरियल अपलोड की जायेगी. इसमें सभी नामांकित अप्रशिक्षित शिक्षक डाउनलोड कर पढ़ सकेंगे. शिक्षकों को कोर्स मेटेरियल तीन अक्तूबर से मिलने लगेंगे.
No comments