बिहार में सड़ गया 210 करोड़ का धान
पटना। भाजपा विधानमंडल दल के नेता सुशील कुमार मोदी ने आरोप लगाया है कि चार वर्षो में राज्य में 210 करोड़ का धान सड़ गया। वर्ष 2011 से 14 के बीच 3.44 लाख टन धान सड़ा है। एजी ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि केवल टेस्ट चेक में तीन जिलों में 21.27 करोड़ का धान सड़ गया। इसके अलावा पटना में 18.42 करोड़ का धान सड़ने के कारण उसे सिर्फ 6.80 करोड़ मंम नीलाम करना पड़ा। विधान परिषद स्थित अपने कार्यालय कक्ष में बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में श्री मोदी ने आरोप लगाया कि ऐसे ही सवालों से बचने के लिए बुधवार को सत्ता पक्ष ने सदन नहीं चलने दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इतना बौखला गए हैं कि प्रश्नकाल बाधित कराने लगे हैं। कल विधानसभा में जिस तरह की भाषा का प्रयोग सत्ता पक्ष के सदस्यों ने किया और राजभवन मार्च के दौरान भाजपा सांसदों के लिए जिस तरह चेहरा रंगने जैसे शब्दों का प्रयोग लालू प्रसाद ने किया, उससे लगता है राज्य में फिर से जंगलराज आ गया है। मोदी ने कहा कि एजी की रिपोर्ट में रोहतास, औरंगाबाद और पटना जिले की चर्चा है। वहां केवल टेस्ट चेक में 1.71 क्विंटल धान सड़ा हुआ पाया गया। यह भंडारण क्षमता से अधिक धान खरीदने के कारण हुआ है। राज्य खाद्य निगम के पास मात्र चार लाख टन की भंडारण क्षमता है।
इस वर्ष अब तक उसने दस लाख टन धान की खरीद कर ली है। साढ़े चार लाख टन की खरीद एसएफसी ने सीधे किसानों से की है, जबकि साढ़े पांच लाख टन धान उसे पैक्सों से मिला है। ऐसे में ए धान तो कहीं ना कहीं खुले में ही रखे जाएंगे और अंत में सड़ जाएंगे।
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