Recent News

Breaking News

नक्सलियों ने मुखिया के घर पर बोला हमला

naksali

मकान के छत से कूदकर मुखिया ने बचाई अपनी जान। नक्सलियों ने फरमान जारी किया भेट नहीं करने पर घर को विस्फोट करके उड़ा देंगे। इस घटना के पुर्व जिले में लगभग एक दर्जन मुखिया व् पंचायत प्रतिनिधियों की हत्या अपराधियों और नक्सलियों द्वारा करने की लंबी फेहरिश्त का इतिहास यहां रहा है।                           

जमुई से मुकेश कुमार सिंह की रिपोर्ट       

अब ऐसे सवाल पूछे जा सकते है की जमुई जिले में सुरक्षित कौन है ? संकट की बात यह है की इस सवाल का जवाब देने वाला कोई नहीं है ! जिले में अपराधी और नक्सली वारदात की घटना थमने का नाम नहीं ले रही है।26 मार्च की देर रात्रि में जिले के सिकंदरा थाना क्षेत्र के मिर्चा -पाठकचक पंचायत के मुखिया बालगोविन्द यादव के घर पर नक्सलियों की टोली ने हमला बोल दिया। जिसकी भनक लगते ही उक्त मुखिया ने मकान के छत से कूदकर भागने से अपनी जान बचाई। रात्रि में ही पुलिस को सूचना दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारी दल बल के साथ घटना स्थल पर पहुँचे और सर्च अभियान चलाया। नक्सली दल में युवतियां भी हथियार से लैस थी।मुखिया के घर में नहीं मिलने पर परिवार के लोगो को धमकी देते हुए यह कहकर चले गये की सुबह फिर आयेंगे। भेंट नहीं करने पर घर को विस्फोट करके उड़ा देंगे। नक्सलियों ने गांव में लगे मोबाइल टावर के गार्ड की भी पिटाई की और टावर को बंद रखने की चेतावनी दी। गांव के सरपंच और वार्ड सदस्य के घर के बारे में भी नक्सली जानकारी ले रहे थे।बताते चले की पुर्व में भी जिले में नक्सलियों ने सोनो थाना क्षेत्र के पैरामटिहना के मुखिया शत्रुघ्न सिंह की हत्या करके उनके घर को डायनामाइट से उड़ा दिया था। वही खैरा थाना क्षेत्र में रोपावेल के मुखिया गोपाल साव सहित दो लोगों की हत्या गला रेतकर दी थी और घर को विस्फोट से उड़ा दिया था। जिस घटना की जानकारी लेने पहुँचे जमुई के तत्कालीन डीएम गोपाल शंकर प्रसाद और आरक्षी अधीक्षक बसीरुद्दीन अहमद के काफिले पर नक्सलियों ने हमला बोलकर पुलिस के वाहन को जलाते हुए झाझा के पुलिस इंस्पेक्टर कपिलदेव प्रसाद की हत्या कर डाली थी। डीएम और एसपी ने पैदल भागकर जान बचाई थी। उसी तरह अलीगंज प्रखंड के मिर्जागंज पंचायत के मुखिया  जगदीश महतो की हत्या जमुई से लौटने के क्रम में अगहरा के समीप पहले से घात लगाये अपराधियों ने बम मारकर कर दी थी जिसमें दो अन्य लोग भी मारे गये। फिलवक्त जमुई में विधि व्यवस्था की हालत में सुधार नहीं होने से आमजनों में दहशत व्याप्त है।

No comments