स्वामी आत्मानंद ने 108 वर्ष की उम्र में ली समाधी, अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़ा जन सैलाब।
नवादा। तांत्रिक सम्राट स्वामी आत्मानंद ने सोमवार को समाधि लेकर अपने नश्वर शरीर का त्याग कर दिया।स्वामी जी के प्राण त्यागने की खबर फैलते ही क्षेत्र के आमजनों का जन सैलाब उनके अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़ा।बताते चले की अपने आलौकिक चमत्कारों से उन्होंने दीन दुखियो की हमेशा मदद की। राजनेता से लेकर बड़े बड़े अधिकारी उनके अनुयाई हुआ करते थे।तारापीठ,कामरूप कामख्या जैसे सिद्ध पीठ में उनकी धुनी हमेशा रमी रहती थी।स्वामी जी के शिष्य का कहना है की उन्होंने 2 दिन पहले वकील को बुलाकर अपने द्वारा 4 स्थानों में चलाए जा रहे ट्रस्ट का उत्तराधिकारी सदस्य के रूप में 4 लोगो को नामित किया था। जो जमुई और गया के रहने वाले उनके भक्त है। उनके नाम का खुलासा अंतिम क्रिया कर्म के उपरांत संस्था की बैठक में किए जाने की बात बताई गई है। इस धार्मिक संस्था के पास कुल 16 एकड़ भूमि, भवन के अलावा बैंक में लाखों रुपए की धन राशि जमा है। गौरतलब है की इन सबो की देख रेख के लिए 5 लोगो की एक कमिटी पहले से थी जहां अब 4 अन्य लोगो को भी उन्होंने अपनी सहमति से शामिल किया । स्वामी जी के चमत्कार की चर्चा जन जन की जुबान पर रही है।उनके पार्थिव शरीर को आज संध्या में धूम धाम के साथ काशी ले जाया गया जहां उनकी अंतिम क्रिया कर्म मंगलवार को होगी।
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