एक हजार रुपए के लिए दोस्त का गर्दन रेता
उसने अपने परिजनों को जानकारी दी थी कि वह अपने दोस्तों के साथ जा रहा है। दोस्तों में से एक धीरज को तब गिरफ्तार किया गया, जब घटना को अंजाम देने के बाद वह दिल्ली भागने की फिराक में था। उसे हाजीपुर स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। उसकी गिरफ्तारी के बाद ही अभिषेक की हत्या पर से पर्दा उठा। धीरज की निशानदेही पर उसके एक अन्य सहयोगी मिथुन कुमार को महुआ के लक्ष्मणपुर से गिरफ्तार कर लिया गया। मिथुन ने पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी। बाद में दोनों ने अभिषेक उर्फ आदित्य की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली है। शव को उठाने पहुंची पुलिस को स्थानीय लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा।
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