खून से लतपथ बच्ची को मानवता का सहारा
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Bihar Katha Hathua gopalganj hindi weekly[/caption]
राजू जयसवाल.गड़खा (सारण)।
अपनो ने फेंका गैरो ने अपनाया, जाको राखे साईया मार सके न कोय वाली कहावत भेल्दी गांव के जाफरपुर गांव में देखने को मिली। जब गांव के स्व किशुन राम की पत्नी उमाकुंवर शुक्रवार की सुबह खेतों में घास काट रही थी तभी पुलियां के नीचे झाड़ी से बच्चे के रोने की आवाज आई। महिला ने झाड़ी के पास जाकर देखा तो खून से लतपथ एक बच्ची पड़ी है। उसके शरीर पर जख्म के निशान थे। ऐसा प्रतित हो रहा था कि कोई अभागन मां ने बच्चे को चाकू से मारकर इस झांड़ी में फेक दिया हो। पुलिस को सूचना दी गई। भेल्दी पुलिस ने उक्त बच्ची को गड़खा पीएचसी में ईलाज के लिए लाया। जहां चिकित्सको ने बेहतर ईलाज के लिए छपरा भेज दिया। इधर पचलख पंचायत के सरपंच वंदना देवी के पति राजेश कुमार सिंह ने उस बच्ची को दवा एवं वस्त्र उपलब्ध कराए तथा लालन पोशन करने वाली एक महिला को सौंप दिया।
राजू जयसवाल.गड़खा (सारण)।
अपनो ने फेंका गैरो ने अपनाया, जाको राखे साईया मार सके न कोय वाली कहावत भेल्दी गांव के जाफरपुर गांव में देखने को मिली। जब गांव के स्व किशुन राम की पत्नी उमाकुंवर शुक्रवार की सुबह खेतों में घास काट रही थी तभी पुलियां के नीचे झाड़ी से बच्चे के रोने की आवाज आई। महिला ने झाड़ी के पास जाकर देखा तो खून से लतपथ एक बच्ची पड़ी है। उसके शरीर पर जख्म के निशान थे। ऐसा प्रतित हो रहा था कि कोई अभागन मां ने बच्चे को चाकू से मारकर इस झांड़ी में फेक दिया हो। पुलिस को सूचना दी गई। भेल्दी पुलिस ने उक्त बच्ची को गड़खा पीएचसी में ईलाज के लिए लाया। जहां चिकित्सको ने बेहतर ईलाज के लिए छपरा भेज दिया। इधर पचलख पंचायत के सरपंच वंदना देवी के पति राजेश कुमार सिंह ने उस बच्ची को दवा एवं वस्त्र उपलब्ध कराए तथा लालन पोशन करने वाली एक महिला को सौंप दिया।
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