छपरा। स्थापना काल के करीब 23 वर्षो बाद पहली की बार जय प्रकाश विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन सहित संपति को सुरक्षा की जिम्मा लेने पहुंचे एसआईएस से जुड़े गार्डो को पहले से कार्य कर रहे तिवारी एंड कंपनी से जुड़े गार्डो ने विवि परिसर सहित मुख्य प्रशासनिक भवन में सोमवार को कार्य करने नहीं दिया। पहले से कार्यरत गार्डो एवं एसआईएस के गार्डो के बीच काफी तनातनी देखी गई। विवि में कर्मचारियों के अनवरत धरना प्रदर्शन के कारण विवि का मुख्य गेट बंद था। जिसके कारण एसआईएस के गार्ड न तो प्रवेश किए और ही सुरक्षा की जिम्मेवारी लेने दिया गया। जब यह मामला गंभीर हो गया तब एसआईएस कंपनी के पदाधिकारियों ने विवि से जुड़े पदाधिकारियों से संपर्क साध कर इस समस्या का समाधान करने का आग्रह किया। विवि परिसर में पूर्व से कार्यरत कई गार्डो ने बताया कि अभी हम सभी का वेतन भुगतान लंबित पड़ा हुआ है। जब तक इसका समाधान नहीं होगा तब तक हम सभी एसआईएस के गार्डो को कार्य करने नहीं देगें। वहीं एसआईएस से जुड़े गार्डो ने बताया कि मेरे कंपनी के पदाधिकारियों एवं विवि प्रशासन के बीच कार्य करने की एग्रीमेंट हो चुका है। ऐसी स्थिति में हमारी जिम्मेवारी हैं कि इस विवि के संपति एवं मुख्य प्रशासनिक कार्यालय सहित अन्य विभागों के कार्यालयों को सुरक्षा प्रदान की जाए। इस बीच विरोध होने के बाद एसआईएस क गार्डो ने पेड़ के नीचे बैठे। वहीं मुख्य गेट के समीप कई गार्ड दिखे जबकि कई अन्य गार्ड यत्र तत्र एकत्रित होकर अपने पदाधिकारी का इंतजार करते रहे। उधर इस सिलसिले में कई पदाधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, मगर समाचार प्रेषण तक संपर्क नहीं हो सका। जिसके कारण उनकी प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। उधर इस मामले को लेकर जानकारी मिली हैं कि पिछले विवि के सुरक्षा गार्ड के रूप मेंं कार्य कर रहे तिवारी एंड कंपनी का अनुबंध समाप्त हो चुका है।
16 दिनों से विवि कर्मियों का धरना जारी 
जय प्रकाश विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के 11 सूत्री मांगो के विरूद्ध मंगलवार को भी धरना जारी रहा। धनार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से सकारात्मक पहल करने हेतु अपने दो वरीय, दो कर्मियों सुदर्शन प्रसाद यादव, प्रशासन पदाधिकारी (स्थापना) एवं राजेश्वर सिंह, वरीय लेखापाल सह पूर्व सचिव, जय प्रकाश विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ को कुलपति के आवासीय कार्यलय पर भेजा जिसमें दोनों कर्मियों ने आंदोलनकारियों के उचित मांगों को दशार्ते हुए उनका पक्ष कुलपति के समक्ष रखा जिसके बावजूद भी कोई ठोस परिणाम नहीं निकल सका। यहीं नहीं धरनास्थल पर पहुंचे जिला प्रशासन प्रतिनिधि के रूप में सदर के प्रखंड विकास पदाधिकारी ने भी कर्मचारियोें की मांगों को विवि के कुलसचिव के समक्ष दूरभाष के माध्यम से रखकर हड़ताल को समाप्त कराने का आग्रह किया। जिस पर कुलसचिव ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को बताया कि आप कुलपति आवास आए और कर्मचारियों से संबंधित कुछ जानकारी प्राप्त करें। क्योंकि इस आवास पर सभी पदाधिकारी कुलपति के साथ मौजूद है। इसके बाद भी आंदोलन समाप्त कराने की दिशा में विवि प्रशासन द्वारा कोई पहल नहीं किया गया और न ही कोई पदाधिकारी धरना स्थल पर उपस्थित हो रहे है। ऐसी परिस्थिति में कर्मचारी अपने आंदोलन को जारी रखे हुए है। धरना के नेतृत्व अध्यक्ष राजेश कुमार पाण्डेय तथा सचिव रवीन्द्र प्रसाद यादव ने किया। धरनार्थियों को संबोधित करते हुए अध्यक्ष श्री पाण्डेय ने अबतक के आन्दोलन को सविस्तार से प्रकाश डाला, जबकि सचिव श्री यादव ने कहा कि कोई भी पदाधिकारी विश्वविद्यालय में वार्ता के लिए नहीं आ रहे हैं। जिसके कारण न तो कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान हो रहा है और न हीं आन्दोलन को समाप्त कराने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन कोई सकारात्मक भूमिका निभा रही है। जबकि कर्मचारियों ने अपनी जायज मांगों को समझौता के तहत कुलपति के समक्ष अवगत करा दिया है। हालांकि अपनी मांगों को लेकर सभी कर्मचारी एकजुटता के साथ धारना पर बैठे रहे। धरना पर बैठने वालोें में समरजीत कुमार सिन्हा, कुदरत अली, आलोक कुमार, आदर्श कुमार, अखिलेश्वर त्रिपाठी, प्रमोद कुमार, देव नारायण राय, कुणाल किशोर, प्रकाश रंजन कुमार, संजय कुमार, विवेक कुमार, विपिन कुमार, श्याम किशोर राय, मंटू शर्मा, मधुकर मधूप, अमित कुमार, अखिलेश कुमार आदि उपस्थित थे।
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