तीस साल पहले नेपाल जाकर बसे थे बिहार के शंभू, मलबे में मर गया पूरा परिवार
कोचस (रोहतास)। रोहतास जिले के कोचस प्रखंड के कुर्सा गांव से करीब 30 साल पहले नेपाल जाकर बसने वाले शंभू साह समेत उसके परिवार के सात लोगों की मौत भूकंप के दौरान मकान के मलबे में दबकर हो गई। यह हादसा शनिवार को हुई। मृतकों में शंभू के अलावा उसकी पत्नी, तीन बेटियां और दो बेटे शामिल हैं। नेपाल की नागरिकता हासिल कर चुके शंभू साह की बेटी ने इस हादसे की जानकारी कुर्सा में रह रहे अपने दादा तुलसी साह को रविवार को फोन से दी। हादसे की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ पड़ी। बताया जाता है कि मृतक शंभू साह काठमांडु में पूरे परिवार के साथ रहता था। तीस वर्ष पूर्व वह कुर्सा गांव से रोजी-रोटी की तलाश में नेपाल गया था। उसने नेपाल में ही शादी करके अपनी गृहस्थी बसा ली थी। शनिवार को आए भूकंप ने उन सभी को मौत की नींद सुला दिया। कुर्सा गांव के दया राउत ने बताया कि तुलसी साह के तीन बेटे थे। एक बेटा शंभू अपने परिवार के साथ नेपाल में रहता था और दो बेटे कोलकाता में रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शंभू साह ने दो शादियां की थी। पहली पत्नी से एक पुत्री पैदा हुई थी। पहली पत्नी की मौत होने के बाद वह अपनी पुत्री को भी लेकर नेपाल चला गया था। वहां उसने दूसरी शादी रचा ली।
पहली पुत्री की शादी उसने नेपाल में ही की है। उसी बेटी ने घटना की खबर मोबाइल फोन से अपने दादा तुलसी साह को दी। तुलसी साह कोलकाता से फिलहाल कुर्सा गांव में आए हुए थे। लेकिन, बेटे की मौत की खबर मिलते ही वे रविवार को नेपाल के लिए रवाना हो गए।
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