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नेपाल में भूस्खलन से बिहार पर खतरा

kali gandaki river nepal बगहा/वाल्मीकिनगरे
भूकंप के बाद भूस्खलन से नेपाल के म्याग्दी जिले के रामची गांव के समीप काली गंडकी नदी में पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर गिर गया है। बहाव बाधित होने से वहां कृत्रिम झील बन गई है, जिसमें 150 फुट पानी जमा हो गया है। इससे उत्तर बिहार के कई जिलों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। पहाड़ गिरने से भारतीय क्षेत्र में भी नदी के पानी का रंग मटमैला हो गया है। इसको देखते हुए वाल्मीकिनगर बराज के कर्मियों को हाई अलर्ट कर दिया गया है। ऐहतियातन बराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं। कर्मियों को स्थिति पर नजर रखने के साथ मछुआरों को गंडक में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
दरअसल काली गंडकी नेपाल की पहाड़ी नदी है। यही आगे चलकर गंडक नदी में मिल जाती है। पानी का बहाव शुरू कराने के लिए नेपाल प्रशासन ने हेलीकॉप्टर की मदद से बम गिराकर पहाड़ को तोड़ने का प्रस्ताव सरकार को भेजा है। पहाड़ टूटने के बाद पानी का बहाव किसी एक दिशा में हुआ तो खतरा हो सकता है। जानकारी के अनुसार शनिवार रात पहाड़ का हिस्सा टूटकर नदी में गिर जाने से बहाव बाधित हो गया है। तबाही की आशंका को देखते हुए नेपाली प्रशासन आसपास के क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित क्षेत्र में जाने के लिए जागरुक कर रहा है।  नेपाल के बेलाटांडी के इंस्पेक्टर जगतबंधु पोखरैल ने बताया कि नदी में पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। पहाड़ को हेलीकॉप्टर के माध्यम से बम गिराकर छोटे-छोटे टुकडे़ में करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।
इन क्षेत्रों को हो सकता है नुकसान
बराज के सहायक अभियंता ने बताया कि घटनास्थल से वाल्मीकिनगर तक पानी पहुंचने में कम से कम 24 घंटें लगेंगे। अचानक पानी आने से नेपाल के बागलुंग, गुल्मी, पालपा, सेंग्जा, देवघाट, नारायणघाट के साथ-साथ उत्तर बिहार के कई जिलों को नुकसान पहुंच सकता है। कारण वाल्मीकिनगर में भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद गंडक नदी पश्चिमी व पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण और मुजफ्फरपुर जिले से होकर सोनपुर में गंगा में मिलती है।
एसएसबी की गश्त तेज
खतरे की आशंका को देखते हुए एसएसबी ने भी गश्त तेज कर दी है। एसएसबी 21वीं वाहिनी के कमांडेंट अमित कुमार ठाकुर ने बताया कि चकदहवा बीओपी व झंडहवा बीओपी को अलर्ट कर दिया गया है।



 नेपाल में काली गंडकी नदी में पहाड़ के गिरने की सूचना मिली है। खतरे की आशंका को देखते हुए बराज के सभी फाटकों को उठा दिया गया है। कर्मियों को किसी भी खतरे से निपटने के लिए सतर्क रहने को कहा गया है। - मो. जिलानी, सहायक अभियंता, गंडक बराज, वाल्मीकिनगर
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 डीएम से मामले में दिशा-निर्देश मांगा गया है। फिलहाल बगहा शहर या इसके आसपास के इलाकों को इससे कोई खतरा नहीं है। फिर भी प्रशासन नजर रख रहा है।-मंजूद आलम, एसडीओ, बगहा

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