सेनापति हो मजबूत तो मिलेगी जंग में जीत
राहुल पराशर
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में तीन-चार माह का वक्त बचा है। चुनौती बहुत बड़ी है। हमारे सामने जो प्रतिद्वंद्वी खड़ा है वह ट्रायड, टेस्टेड व लोकप्रिय है। हमने उसके साथ लंबा वक्त गुजारा है। हमारी मजबूती व कमजोरियों से पूरी तरह वाकिफ है। अब हमें उसके खिलाफ अलग स्ट्रैटेजी स चुनावी अखाड़े में उतरना होगा। अगर हम कमजोर पड़े तो विपक्षी हमें खड़ा होने का मौका नहीं देगा। जरा से हम कमजोर हुए तो दिल्ली विधानसभा व पश्चिम बंगाल के निकाय चुनाव में क्या स्थिति हुई है, देख चुके हैं। चुनाव निकट है, प्रदेश भाजपा को एक सेनापति की जरूरत है। शॉटगन के नाम से मशहूर पटना साहिब लोकसभा क्षेत्र के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने ए बात कही। शत्रुघ्न सिन्हा ने बड़े ही बेबाक अंदाज में पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय पार्लियामेंट्री बोर्ड व राज्य नेतृत्व मिलकर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले कैप्टन का चुनाव कर ले। विधानसभा चुनाव में हमें एक नेतृत्वकर्ता की जरूरत होगी। ऐसा लीडर जिसकी छवि साफ हो, टेस्टेड हो, लोकप्रिय हो और जनता को अपील कर सके। मैं तो सीएम की रेस में नहीं हूं। लेकिन, अगर पार्टी चाहेगी तो मंत्री का संतरी बनकर भी प्रदेश के विकास कार्य को आगे बढ़Þाने का प्रयास करूंगा।
प्रदेश नेतृत्व की कमजोरी पर प्रहार
शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि प्रदेश नेतृत्व आपसी खींचतान में लगा हुआ है। मुझे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई का वह वाक्य याद आ रहा है, जिसमें जिसमें उन्होंने कहा था कि बाहरी लोगों से लड़ाई तो जीत ली, अब घर के लोगों को संभालना होगा। आज भी वह स्थिति सामने है। कुछ एरोगेंसी प्रदेश के नेताओं में है। उसे दूर करना होगा। पार्टी में हमारी स्थिति को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। मैं ऐसे लोगों से साफ कहना चाहता हूं कि किसी महत्वाकांक्षा से मैं राजनीति में नहीं आया। समाज के लिए कुछ करना चाहता था। आज भी वही उद्देश्य है। पार्टी हमारा उपयोग जिस स्तर पर करना चाहती है, हम तैयार हैं। लेकिन, नजरअंदाज करने की कोशिश से दुख होता है।
मांझी मैच्योर नेता
पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के बारे में शत्रु ने कहा कि वे काफी मैच्योर नेता हैं। उनकी छवि काफी स्वच्छ रही है। उनमें नेतृत्वकर्ता का गुण भी मौजूद है। हालांकि, हम यह नहीं कह सकते हैं कि उनके साथ किसी प्रकार का गठबंधन हो या न हो। यह तो केंद्रीय लीडरशिप तय करेगी।
महागठबंधन पर बोलने का सही समय नहीं
महागठबंधन पर अभी बोलने का सही समय नहीं आया है। अभी तक नीतीश व लालू प्रसाद ने इसको स्वरूप नहीं दिया है। जब तक महागठबंधन नहीं बनता है तब तक इस पर कुछ कहना सही नहीं होगा। वैसे नीतीश व लालू प्रदेश की राजनीति का बड़ा चेहरा हैं और एक साथ आते है तो भाजपा को सचेत रहना ही होगा। उनसे तो एक हद तक खतरा है ही। नेगलेट करने वाले अंदाज से अलग होने की जरूरत है।
मैं पूरी तरह स्वस्थ
शत्रु ने कहा कि मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं। पैर का सफल आॅपरेशन होने के बाद अब फिट महसूस कर रहा हूं। अन्य लोगों से तो 90 फीसदी बेहतर हूं। उन्होंने बताया कि बुधवार को बख्तियापुर में पीपापुल का उद्घाटन करने गए। लगातार अपने क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहे हैं। अशोक नगर में संप हाउस का निर्माण कराने की घोषणा की थी। राज्य सरकार की मदद से संप हाउस व नाला की गहराई बढ़Þाने का कार्य शुरू होने वाला है। क्षेत्र के लोगों ने हमारे खिलाफ नारे भी लगाए थे, लेकिन उन्होंने हमें काम करने के लिए ही चुना है। काम करेंगे। शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि लगातार क्षेत्र में मौजूद रहेंगे काम करते रहेंगे।
पहले साल किया काम, संतुष्ट नहीं
बिहारी बाबू ने भी अपने एक साल के काम का लेखा-जोखा पेश किया। उन्होंने कहा कि एक साल काम किया। लेकिन, अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं हूं। बेटे की शादी थी। तीन-चार माह व्यस्त रहा। फिर पैर का आॅपरेशन कराया। इस दौरान कुछ लोगों ने अफवाहें भी फैलाई। राजनीति में किसी बड़ी महात्वाकांक्षा से नहीं आया। देश, राज्य व अपने क्षेत्र के लिए कुछ करने के लिए आया हूं। पहले साल ठीक नहीं रहा। कई काम किए, काफी बाकी हैं। इस साल में उन्हें पूरा करूंगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में यह कह सकता हूं, अच्छे दिन आने वाले हैं।
आदर्श गांव को सचमुच बनाएंगे आदर्श
सांसद ने कहा कि सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत खुसरूपुर के नरहन गांव को सही मायनों में आदर्श बनाने का प्रयास किया जाएगा। अन्ना के गांव रालेगन सिद्धि की तरह नरहन को भी विकसित करेंगे, ताकि वहां के लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए दूसरी तरफ न देखना पड़े। इसके लिए लगातार क्षेत्र में जाएंगे। विकास कार्यक्रमों की समीक्षा होगी। -दैनिक भास्कर डॉट कॉम से
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