ट्रेनों से हटेगी जंजीर, रोकने के लिए करना होगा चालक से संपर्क
बिहार कथा.सीवान/छपरा।
गोरखपुर-सीवान-छपरा रेखखंड में ट्रेनों की देरी से चलने का इतिहास पुराना है। हालात ऐसे हैं कि यहां स्टेशनों पर यह भी लिखा हुआ रहता है कि गोरखपुर-सीवान-छपरा रेखखंड में ट्रेनों की देरी से चलने का मुख्य कारण है खतरे की घंटी का दुरुपयोग। लेकिन अब यह हालात बदलेंगे। रेलवे जल्द ही ऐसी व्यवस्था करने जा रही है जब ट्रेन में जंजीर खींच कर ट्रेन को रोकना बीते दिनों की बात हो जाएगी। दरअसल, इसका बराबर दुरुपयोग होता है और सार्वजनिक परिवहन को राजस्व का नुकसान होता है। इसके बजाय यात्रियों को आपात स्थिति में लोको पायलट से संपर्क करना पड़ेगा। उन्हें चालक का संपर्क नंबर मुहैया किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि रेलवे ने मौजूदा डिब्बों से जंजीर को हटाने का कदम उठाना शुरू कर दिया है। इस बारे में कोच निर्माण फैक्टरी को भी पत्र भेजा जा रहा है। रेलवे नेटवर्क में जंजीर खींचना एक बड़ी समस्या है, खासतौर पर उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में, जिससे ट्रेनें देर होती हैं और रेलवे को आर्थिक नुकसान होता है। विशेष चिंता शरारती तत्वों द्वारा इसके दुरूपयोग करने की है। अधिकारियों ने बताया कि इस सुविधा को हटाने को प्रस्ताव कुछ समय से विचाराधीन था और इस पर लंबी चर्चा हुई।
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