बकलोल दुल्हे ने दूसरी लड़की के गले मे डाला वरमाला, मचा बवाल
लड़की ने किया था शादी से इंकार, पिता ने कहा नाम पता लिख दे तो होगी शादी
कृष्णकांत मिश्रा
बेतिया। अंधा और अनपढ़ दुल्हा बुधवार रात फेरे लेने से वंचित रह गया। बुधवार रात को बारात भी आई, बारातियों का भव्य स्वागत भी हुआ, लेकिन शादी नहीं हुई। वर के परिजनों को रातभर बंधक बनाए रखने के बाद ग्रामीणों के पहल व लड़के के पिता द्वारा लड़की के नाम पांच कठ्ठा जमीन लिखने का बॉड भरने के बाद गुरुवार शाम द्वारिका व भारती ने सात फेरे लिए। चनपटिया थाना के भैसही निवासी महावीर साह के पुत्र द्वारिका साह की बारात बु़धवार को बानूछापर निवासी छविनाथ साह के यहां आई थी। दूसरी लड़की के गले में वरमाला डालने पर विदक गए लड़की के परिजन बारातियों के भव्य स्वागत के बाद जब वरमाला स्टेज पर लड़के ने भारती के बदले दूसरी लड़की के गले में वरमाला डालने लगा तो लड़की व लड़की के परिजन विदक गए। आंख खराब होने के कारण लड़के को कम दिखाई दे रहा था। दूसरी ओर वह अनपढ़ भी है, जबकि दुल्हन भारती मैट्रिक पास है।लड़के के अंधापन की खबर आग की तरह पूरे गांव में फैल गई। लड़की ने ऐसे अनपढ़ और अंधे लड़के से विवाह करने से इंकार कर दिया। लड़की के पिता छविनाथ ने कहा कि लड़का अपना नाम व पता लिख देगा तो उसकी इकलौती लड़की भारती की शादी उससे हो जाएगी। लेकिन, लड़का नाम व पता भी नहीं लिख पाया। लड़की वालों ने बारातियों का तो भव्य स्वागत किया, लेकिन वर व उसके परिजनों को एक कमरे में बंद कर दिया। गुरुवार को बानूछापर के ग्रामीणों व वरपक्ष के ओमप्रकाश शाव के अथक प्रयास से दोपहर बाद शादी की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके लिए लड़के के पिता महावीर साह को लड़की के नाम से पांच कठ्ठा जमीन लिखने का बॉड भरना पड़ा।
लड़की के बहनोई ने तय कराई थी शादी
करीब दो माह पूर्व लड़की के रिश्ते के बहनोई विदेशी उर्फ विजय ने लड़का को चौथी पास बता शादी तय कराई थी। जबकि लड़का अनपढ़ निकला। वहीं विजय ने लड़के के कम दिखने वाली बात को भी लड़की पक्ष से छिपाए रखा था। जिसको लेकर शादी में व्यवधान उत्पन्न हुआ।
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