नीतीश के अभियान पर चुनाव आयोग का ब्रेक
पटना। बिहार चुनाव आयोग ने नीतीश कुमार सरकार के ‘‘बिहार एट द रेट 2025’’ अभियान पर आज अस्थायी रोक लगा दी। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को पिछले दशक में किए गए कार्य से अवगत कराना और लोगों के साथ विचार विमर्श कर अगले 10 साल के लिए विकास दृष्टिपत्र तैयार करना है। बिहार के मुख्य चुनाव अधिकारी अजय वी नाइक ने कहा, हमने केंद्रीय चुनाव आयोग के अगले आदेश तक ‘‘बिहार एट द रेट 2025’’ पर अस्थायी रोक लगा दी है।’’ भाजपा नेताओं सुशील कुमार मोदी और नंद किशोर यादव ने गुरूवार को नाइक से मुलाकात की थी। उन्होंने एक ज्ञापन सौंप कर आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने ‘‘बिहार एट द रेट 2025’’ अभियान शुरू कर सात जुलाई को विधान परिषद की 24 सीटों के लिए होने वाले चुनाव के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है। बिहार के सूचना और जनसंपर्क विभाग द्वारा संचालित अभियान का मकसद अगले आठ से 10 हफ्तों में दस हजार से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों और नागरिक संगठनों के सदस्यों को शामिल कर चार करोड़ लोगों तक पहुंचना है। यह रोक नीतीश कुमार सरकार के लिए झटका के रूप में सामने आया है। इसके पहले आज दिन में वरिष्ठ मंत्रियों विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव ने इस अभियान का जोरदार बचाव किया। कुमार ने नौ जून को इसकी शुरुआत की थी। चौधरी ने संवाददाताओं से कहा, अभियान किसी भी तरह से विधान परिषद चुनाव के मद्देनजर आचार संहिता का उल्लंघन नहीं करता क्योंकि ऐसी किसी योजना या किसी सरकारी नीति की घोषणा नहीं की गयी है जिससे मतदाता प्रभावित हो सकते हैं। नीतीश कुमार कैबिनेट में नंबर दो माने जाने वाले चौधरी ने कहा कि ‘‘बिहार एट द रेट 2025’’ अभियान में पिछले 10 साल के नीतीश सरकार के शासनकाल में किए गए कार्यों के बारे में लोगों को जानकारी देने का प्रयास है। इसके अलावा अगले 10 साल में विकास के लिए दृष्टि पत्र तैयार करने के लिए उनकी राय मांगी गयी है। किसी नयी नीति की घोषणा नहीं की गयी है।
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