नीतीश के साथ रिश्तों के दरवाजे मजबूत ताले से हो चुके बंद
नई दिल्ली। भाजपा ने बिहार के आगामी विधानसभा चुनाव में अपने पुराने जोड़ीदार नीतीश कुमार के साथ किसी तरह के तालमेल की संभावना से आज पूरी तरह इंकार करते हुए कहा कि यह दरवाजा मजबूत ताले से बंद हो चुका है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यहां कहा, जहां तक नीतीश कुमार से दरवाजÞा खोले जा सकने की बात है तो यह मजबूत ताले से बंद हो चुका है और नीतीश कुमार से किसी मेल-मिलाप का सवाल ही नहीं उठता। उनसे सवाल किया गया था कि क्या नीतीश कुमार के साथ आगामी विधानसभा चुनाव में किसी तरह के ताल-मेल की गुंजाइश है। विधानसभा चुनावों में भाजपा के विजयी होने का विश्वास जताते हुए उन्होंने नीतीश कुमार और लालू प्रसाद पर व्यंग्य कसते हुए कहा कि दो पराजित नेता ऐसे गठबंधन का प्रयास कर रहे हैं जो अंतर्विरोधों से भरा पड़ा है। उन्होंने कहा, ये दो पराजित और हताश नेता किसी भी तरह से एक गठबंधन का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन बहुत सारे विरोधाभास हैं। यह गठबंधन महबूत हो या कमजोर, विलय हो या गठबंधन, बिहार की जनता भाजपा के पक्ष में मतदान करेगी और उसे विजयी बनाएगी। प्रसाद ने नीतीश और लालू के साथ आने पर व्यंग्य बाण चलाना जारी रखते हुए कहा, ये दोनों श्रीमानों ने नरेन््रद मोदी के रथ को रोकने का प्रयास किया था और बिहार में लोकसभा की 40 सीट में से एक श्रीमान :नीतीश: को दो और अन्य (लालू) को चार सीट मिलीं। यह पूछे जाने पर कि भाजपा विधानसभा चुनाव क्या किसी संभावित मुख्यमंत्री के चेहरे के साथ लड़ेगी या नरेन््रद मोदी के चेहरे को ही आगे रखेगी, उन्होंने कहा, कहीं हम मुख्यमंत्री का चेहरा सामने रख कर चुनाव लड़ते हैं और कहीं ऐसा नहीं करते हैं। नीतीश और लालू पर कटाक्ष करते हुए प्रसाद ने कहा, जहां तक नीतीश कुमार और लालू प्रसाद का संबंध है, पहले उन्हें यह तय करना चाहिए कि उनमें से मुख्यमंत्री कौन होगा।
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