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बांधकर जलाती थी मौसेरी बहन, खींचती थी नाखून

[caption id="attachment_2129" align="alignleft" width="300"]सिवान के सदर अस्पताल में इलाज कराती सिम्मी। सिवान के सदर अस्पताल में इलाज कराती सिम्मी।[/caption]

कृष्ण मुरारी पाण्डेय
सिवान. दिल्ली के शाहीनबाग में रहने वाली युवती ने 11 माह तक अपनी बहन को प्रताड़ित किया। पीड़िता के अनुसार चुराकर कुछ खा लेने, दूध पी लेने या बिस्तर पर पेशाब कर देने पर नूरी अप्पी (मौसेरी बहन) बांधकर जलाती थी और प्लायर से नाखून खींचती थी। आवाज न निकले इसके लिए मुंह में कपड़ा ठूंस देती थी। पीड़िता का आरोप है कि इस कार्य में उसका मौसेरा भाई बब्बा और जीजा यूसुफ साथ देता था। मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के छोटपुर कर्णपुरा गांव का है। यहां शकरे आलम रहते हैं और सिम्मी उनकी 10 साल की बेटी है। कुछ दिनों पहले सिम्मी को उसकी मौसी हुसना बेगम ने कहा कि वह मौसेरी बहन नूरी की सेवा करने दिल्ली चली जाए। नूरी की डिलिवरी होने वाली थी। सिम्मी की मौसी हुसना बेगम को किसी तरह पता चला कि उसकी बेटी दिल्ली में अपनी मौसेरी बहन के साथ जुल्म कर रही है। इसके बाद 10 दिन पहले हुसना ने अपनी बेटी नूरी को फोन कर डांटा और सिम्मी को अपने पास बुला लिया। पिछले सप्ताह से हुसना अपने घर में चोरी-छिपे सिम्मी का इलाज करा रही थी। इसी दौरान सिम्मी की छोटी मौसी सोनी खातून हुसना के घर पहुंच गई। सिम्मी की हालत देख वह चौंक गई। हुसना ने सिम्मी के मां-बाप को भी उसकी हालत के बारे में नहीं बताया था। हुसना ने उसे मुंह बंद रखने को कहा, लेकिन सोनी नहीं मानी और सिम्मी को जबरदस्ती सिवान के सदर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया। अस्पताल आने के बाद सिम्मी के साथ हुए अत्याचार की कहानी सबको पता चली। पीड़िता ने अपनी छोटी मौसी को बताया कि उसकी बहन नूरी अप्पी फोन भी नहीं करने देती थी और कहती थी कि अब्बा आएंगे तो जाना।पीड़िता की छोटी मौसी सोनी खातून ने बताया कि मामला प्रकाश में आने के बाद यूसुफ, नूरी और बब्बा हमारी जान के दुश्मन हो गए हैं। मेरे साथ कुछ भी हो सकता है। मुझे सुरक्षा चाहिए। टाउन इंस्पेक्टर सह नगर थाना प्रभारी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि पीड़िता का बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोषियों को किसी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।from dainikbhaskar.com

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