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बिहार में मल्लाह, नोनिया अनुसूचित जनजाति में शामिल

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पटना। राज्य सरकार ने दो प्रमुख जातियों को तोहफा दिया है। शनिवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में मल्लाह की सभी उपजातियों व नोनिया जाति को अनुसूचित जन जाति (एसटी) में शामिल कर लिया गया। राज्य सरकार इन जातियों को अनुसूचित जन जाति (आदिवासी) में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार को अनुशंसा भेजेगी। साथ ही जेलों में बंद कैदियों की बेहतर भोजन व्यवस्था के लिए राशि बढ़Þा दी है। एक कैदी पर रोज अब 50 रुपए 84 पैसे की जगह 88 रुपए 38 पैसे खर्च होंगे।
प्रधान कैबिनेट सचिव शिशर कुमार सिन्हा ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में कैबिनेट ने कुल 25 एजेंडों पर मुहर लगाई। इसमें मल्लाह की सभी उप जातियों व नोनिया को अनुसूचित जनजाति समुदाय में शामिल करने का प्रस्ताव आया, जिस पर सहमति बन गई।
इन दोनों जातियों के सामाजिक, राजनैतिक, आर्थिक, शैक्षणिक व रोजगार में पिछड़ेपन के आधार पर सरकार ने इन्हें एसटी में शामिल करने का निर्णय लिया है। मल्लाह के साथ इसकी उपजातियों में बिंद, निषाद, बेलदार, चाईं, पीयर, फुलवत, सुरहिया, गोरी, बनपर को भी अनुसूचित जन जाति में शामिल किया गया है।
कैदियों पर भी सरकार ने मेहरबानी दिखाई है। अब कैदियों को माह में चार दिन मांसाहारी भोजन भी दिया जाएगा। दो दिन चिकेन और दो दिन मछली उनके भोजन में दी जाएगी। सुबह के नास्ते और दिन के भोजन में भी रोज अलग-अलग मेन्यू होगा। अब नास्ते में रोज चना गुड़ खाने से उन्हें मुक्ति मिल जाएगी। इस पर सरकार का हर वर्ष तीस करोड़ अतिरिक्त खर्च होगा।

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