आम लोग तय कर रहे चुनाव के मुद्दे
नीरज सहाय. पटना से,
बिहार के वैशाली और कटिहार के बाद रविवार को अररिया शहर के आम लोगों ने विधानसभा चुनाव के मुख्य मुद्दे तय करने के लिए रैली निकाली. बिहार जन संसद की इस तीसरी कड़ी में विभिन्न संगठनों के सदस्यों और शहरवासियों के बीच चर्चा हुई कि चुनाव में आम लोगों से जुड़े कौन-कौन से मुद्दे मुख्य हों? यह आयोजन जन जागरण शक्ति संगठन और जन आन्दोलनों के राष्ट्रीय समन्वय के तहत संयुक्त तौर पर हुआ. इस सभा में लोगों ने जनप्रतिनिधियों के लोक लुभावन वादों पर कई सवाल खड़ा कर दिए हैं.
मेहनतकशों की मांगें सुनने वाले का समर्थन
बिहार जन संसद में भाग लेने आए अररिया जिÞले के कृष्ण कुमार सिंह ने कहा कि वो जन संसद में मेहनतकशों की आवाज को बुलंद करने के लिए आए हैं. उन्होंने कहा, चुनाव सर पर है और प्रयास है कि आम सहमति से मजदूर हित की बातें संकलित कर सभी पार्टियों को दी जाएं. उन्होंने बताया कि जो पार्टी इन लोगों की मांग को अपने घोषणा पत्र में शामिल करेगी उसी का समर्थन चुनाव में करेंगे. वहीं करीब 40 साल के रंजीत पासवान बताते हैं कि पिछले सात बार से लोग ठगे जा रहे हैं और मूल समस्या की अनदेखी के कारण मजदूर राशन, शिक्षा, मनरेगा वगैरह से महरूम रह जाते हैं.
आम लोगों का घोषणा पत्र
इन लोगों का कहना है कि आम लोगों के घोषणा पत्र तैयार होने के बाद इनके माध्यम से नेताओं पर दबाव डालेंगे.कटिहार की फूलकुमारी देवी ने कहा, हम उन्हीं को वोट करेंगे जो हमारी बात को मानेंगे. सभा में आईं नीना देवी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोटी, कपड़ा, मकान की मांग पूरी नहीं होने की बात करती हैं. -(बीबीसी हिंदी डॉटकॉम से)
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