कैसे घर आएं परसेदी, नहीं मिल रहा टिकट,तत्काल पर दलालों की मनमानी,
बिहार कथा. सीवान। पर्व त्योहारों के शुरू होने के साथ ही दूसरे प्रांतों में रहने वाले परदेशी परिवार सहित अपने घर को लौटना चाहते हैं, लेकिन दूसरे प्रांतों से आने वाली सभी प्रमुख ट्रेनों में कन्फर्म बर्थ उपलब्ध नहीं होने से उनकी परेशानी बढ़Þ गई है. बिहार के लोक आस्था के पर्व छठ में प्राय: सभी परेदशी अपने घर को लौटना चाहते हैं, लेकिन कन्फर्म बर्थ नहीं मिलने से उनकी परेशानी बढ़Þ गई है. मुंबई, गुजरात, राजस्थान, नई दिल्ली व पंजाब से आने वालीं प्राय: सभी प्रमुख ट्रेनों में 17 नवंबर छठ पर्व के पहले कन्फर्म बर्थ उपलब्ध नहीं है. बहुत से लोगों ने 90 दिनों पूर्व आरक्षण कराने गए, तो उन्हें भी वेटिंग टिकट हाथ लगा. लेकिन उन्हें उम्मीद है कि उनका बर्थ कन्फर्म हो जाएगा. नई दिल्ली से आनेवाली वैशाली, बिहार संपर्क क्रांति, आम्रपाली, लिच्छवी, गरीब रथ, शहीद, न्यूजलपाई गुड़ी एक्सप्रेस,अवध-असम एक्सप्रेस में तो एक तरह से नो रूम की स्थिति है.
तत्काल पर दलालों की मनमानी
त्योहारों के शुरू होते ही रेल के तत्काल टिकट की मांग बढ़Þ जाती है. इ टिकट बनाने वाले बिचौलिए भी अनधिकृत रूप से प्राइवेट आइडी से तत्काल टिकट का धंधा करने लगते हैं.पर्व त्योहारों में इनकी मांग अधिक हो जाती है. यह अंकित मूल्य से करीब दो गुना अधिक रुपए लेकर यात्रियों को अवैध रूप से टिकट उपलब्ध कराते हैं. तत्काल टिकट पर बिचौलियों का कब्जा होने से यात्रियों को काउंटर से तत्काल टिकट नहीं मिल पाता है.काउंटर खुलने के साथ ही तत्काल टिकट वेंटिंग ही निकलता है. कुछ ऐसे भी लोग सक्रिय हैं जो पहले से दूसरे व्यक्तियों के नाम पर साधारण कन्फर्म टिकट बनवा कर रखते हैं तथा जरूरतमंद यात्री को ऊंचे दामों पर टिकट उपलब्ध कराते हैं. हालांकि आरपीएफ द्वारा समय-समय पर अभियान चला कर इन लोगों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जाती है, लेकिन इनका धंधा पूर्ण रूप से बंद नहीं हो पाता है.
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