लिट्टी की दुकानों पर बनती-बिगड़ती सरकार
बिहार चुनाव को लेकर आए एक्ज़िट पोल ने उलझनें और बढ़ा दी हैं. जहां दोनों प्रमुख गठबंधन के नेताओं के दिल की धड़कनें तेज़ हैं, वहीं आम लोगों के बीच भी एक्ज़िट पोल के नतीजे बहस का हिस्सा बने हुए हैं. आलम ये था कि भारतीय जनता पार्टी के दफ्तर में जहां हमेशा रौनक रहती थी वहां शुक्रवार को सन्नाटा पसरा रहा. यहां मीडिया सेल में नेता ग़ज़ल, ठुमरी का आनंद लेते रहे. बीच-बीच में यहां एक्ज़िट पोल पर बहस होती रही.
वहीं जनता दल यूनाइटेड और राष्ट्रीय जनता दल के दफ्तर में रोज़ाना की तरह ही काम चलता रहा. जहां पार्टी दफ़्तरों का ये हाल था वहीं चाय, लिट्टी की दुकानों पर भी सरकारें बनती-बिगड़ती रही. पटना जंक्शन के पास न्यू मार्केट में मशहूर पुरानी लिट्टी दुकान ने लिट्टी खाने आए कुमार आलोक कहते हैं, "सरकार किसकी बनेगी, किसकी नहीं बनेगी, इसको लेकर उत्सुकता रहती है. लेकिन सब जानते हैं कि कोई भी सरकार बने जनता के लिए काम कोई नहीं करता है."
आल इंडिया स्टूडेंट फ़ेडरेशन के महेश दावा करते हैं, "इस बार वाम दलों ने मिलकर लड़ा है. हम कोई बहुत बड़ा दावा नहीं करते, लेकिन हमारे साथी जितने भी चुने जाएंगे वह सार्थक विपक्ष होंगे. एक्ज़िट पोल में इस बारे में बात हो न हो, इसकी फिक्र हमें नहीं है." from bbchindi.com
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