कोर्ट से मिले शिक्षकों के फायदे का यह आदेश DEO ने 15 माह तक दबाया
बैकुंठपुर. लेबर कोर्ट के आदेश पर करीब 15 महीने तक अमल नहीं करने पर जिला शिक्षा अधिकारी को अनुदान प्राप्त स्कूल के 5 सेवानिवृत्त शिक्षकों को 3917968 रुपए गे्रच्युटी सहित 10 फीसदी सालाना ब्याज के साथ भुगतान करना होगा।
जबकि लेबर कोर्ट के आदेश को नहीं मानने पर डीईओ को नोटिस जारी कर निर्धारित समय पर गे्रच्युटी भुगतान नहीं करने पर वसूली करने की चेतावनी दी गई थी। मामले में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा ग्रेच्युटी भुगतान को लेकर तैयारी शुरू करने की बात कही जा रही है।
कोरिया जिले के प्राथमिक शाला दक्षिण झगराखांड़ की कमलादेवी, आईईएम स्कूल नार्थ झगराखांड़ के श्याम लाल वर्मा, छोटेलाल तिवारी, अरुण कुमार श्रीवास्तव और बालक प्राथमिक शाला विद्यालय चिरिमिरी कॉलरी की शिक्षक लक्ष्मी श्रीवास्तव 26-33 साल तक सेवा करने के बाद अलग-अलग तिथियों में सेवानिवृत्त हो गए थे।
लेकिन सेवानिवृत्त होने के बाद गे्रच्युटी की राशि का भुगतान नहीं किया गया था। शिक्षा विभाग को कई बार आवेदन देकर ग्रेच्युटी राशि का भुगतान कराने की गुहार लगाई थी। बावजूद इन 5 सेवानिवृत्त शिक्षकों की 39 लाख 17 हजार 968 रुपए गे्रच्युटी राशि का भुगतान नहीं किया गया।
मामले में सेवानिवृत्त शिक्षकों ने संयुक्त रूप से 3 नवंबर 2015 को लेबर कोर्ट में याचिका लगाई थी। लेबर कोर्ट ने 21 अप्रैल 2016 को मामले की सुनवाई कर जिला शिक्षा कार्यालय को सेवानिवृत्त शिक्षकों को ग्रेच्युटी राशि का भुगतान करने आदेश दिया था।
लेकिन जिला शिक्षा विभाग ने आदेश को करीब 5 महीने तक दबा कर रखा था। जिससे सेवानिवृत्त शिक्षकों ने लेबर कोर्ट में दोबारा अवमानना याचिका लगाई और ग्रेच्युटी भुगतान कराने की गुहार लगाई थी। मामले में लेबर कोर्ट ने 7 सात दिन के भीतर गे्रच्युटी भुगतान कराने का आदेश दिया था। लेबर कोर्ट ने आदेश पारित तिथि से गे्रच्युटी राशि पर वार्षिक ब्याज 10 फीसदी के साथ भुगतान करने कहा था।
भू राजस्व संहिता के तहत वसूली की चेतावनी
लेबर कोर्ट के आदेश के बाद गे्रच्युटी भुगतान नहीं करने पर सेवानिवृत्त शिक्षकों ने अवमानना याचिका लगाई थी। मामले में लेबर कोर्ट ने 21 सितंबर 2016 को जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी किया था। जिसमें आदेश पारित तिथि से गे्रच्युटी की कुल राशि सहित 10 फीसदी की दर से वार्षिक ब्याज के साथ सात दिन के भीतर भुगतान करने कहा गया था।
गे्रच्युटी भुगतान करने के बाद न्यायालय नियंत्रण प्राधिकरण उपादान भुगतान अधिनियम 1972 को सूचना दी जाए। निर्धारित समय पर गे्रच्युटी राशि का भुगतान नहीं करने पर भू राजस्व संहित के तहत वसूली करने की चेतावनी दी थी।
पांच शिक्षकों का बकाया है इतनी ग्रेच्युटी राशि
-कमला देवी पति मेघनाथ बेरियर -58596 रुपए
-लक्ष्मी श्रीवास्तव पति स्व बीडी श्रीवास्तव-858288 रुपए
-श्यामलाल वर्मा पिता स्व गंगा प्रसाद वर्मा-837182 रुपए
-अरुण कुमार श्रीवास्तव पिता स्वी पीपी श्रीवास्तव- 864602 रुपए
-छोटेलाल तिवारी पिता बृजमोहन प्रसाद -771933
हर हाल में गे्रच्यूटी का करना होगा भुगतान
5 सेवानिवृत्त शिक्षकों ने ग्रेच्युटी भुगतान नहीं होने के संबंध में मामला लगाया था। मामले में करीब एक साल पहले फैसला हो चुका है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा आदेश के बाद भी गे्रच्युटी भुगतान नहीं करने पर नोटिस भी जारी किया गया था। जिसमें भुगतान नहीं करने पर वसूली की चेतावनी दी गई थी। मामले में अपील की समय सीमा भी खत्म हो चुकी है। जिससे हर हाल में गे्रच्युटी का भुगतान करना होगा।
जबकि लेबर कोर्ट के आदेश को नहीं मानने पर डीईओ को नोटिस जारी कर निर्धारित समय पर गे्रच्युटी भुगतान नहीं करने पर वसूली करने की चेतावनी दी गई थी। मामले में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा ग्रेच्युटी भुगतान को लेकर तैयारी शुरू करने की बात कही जा रही है।
कोरिया जिले के प्राथमिक शाला दक्षिण झगराखांड़ की कमलादेवी, आईईएम स्कूल नार्थ झगराखांड़ के श्याम लाल वर्मा, छोटेलाल तिवारी, अरुण कुमार श्रीवास्तव और बालक प्राथमिक शाला विद्यालय चिरिमिरी कॉलरी की शिक्षक लक्ष्मी श्रीवास्तव 26-33 साल तक सेवा करने के बाद अलग-अलग तिथियों में सेवानिवृत्त हो गए थे।
लेकिन सेवानिवृत्त होने के बाद गे्रच्युटी की राशि का भुगतान नहीं किया गया था। शिक्षा विभाग को कई बार आवेदन देकर ग्रेच्युटी राशि का भुगतान कराने की गुहार लगाई थी। बावजूद इन 5 सेवानिवृत्त शिक्षकों की 39 लाख 17 हजार 968 रुपए गे्रच्युटी राशि का भुगतान नहीं किया गया।
मामले में सेवानिवृत्त शिक्षकों ने संयुक्त रूप से 3 नवंबर 2015 को लेबर कोर्ट में याचिका लगाई थी। लेबर कोर्ट ने 21 अप्रैल 2016 को मामले की सुनवाई कर जिला शिक्षा कार्यालय को सेवानिवृत्त शिक्षकों को ग्रेच्युटी राशि का भुगतान करने आदेश दिया था।
लेकिन जिला शिक्षा विभाग ने आदेश को करीब 5 महीने तक दबा कर रखा था। जिससे सेवानिवृत्त शिक्षकों ने लेबर कोर्ट में दोबारा अवमानना याचिका लगाई और ग्रेच्युटी भुगतान कराने की गुहार लगाई थी। मामले में लेबर कोर्ट ने 7 सात दिन के भीतर गे्रच्युटी भुगतान कराने का आदेश दिया था। लेबर कोर्ट ने आदेश पारित तिथि से गे्रच्युटी राशि पर वार्षिक ब्याज 10 फीसदी के साथ भुगतान करने कहा था।
भू राजस्व संहिता के तहत वसूली की चेतावनी
लेबर कोर्ट के आदेश के बाद गे्रच्युटी भुगतान नहीं करने पर सेवानिवृत्त शिक्षकों ने अवमानना याचिका लगाई थी। मामले में लेबर कोर्ट ने 21 सितंबर 2016 को जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी किया था। जिसमें आदेश पारित तिथि से गे्रच्युटी की कुल राशि सहित 10 फीसदी की दर से वार्षिक ब्याज के साथ सात दिन के भीतर भुगतान करने कहा गया था।
गे्रच्युटी भुगतान करने के बाद न्यायालय नियंत्रण प्राधिकरण उपादान भुगतान अधिनियम 1972 को सूचना दी जाए। निर्धारित समय पर गे्रच्युटी राशि का भुगतान नहीं करने पर भू राजस्व संहित के तहत वसूली करने की चेतावनी दी थी।
पांच शिक्षकों का बकाया है इतनी ग्रेच्युटी राशि
-कमला देवी पति मेघनाथ बेरियर -58596 रुपए
-लक्ष्मी श्रीवास्तव पति स्व बीडी श्रीवास्तव-858288 रुपए
-श्यामलाल वर्मा पिता स्व गंगा प्रसाद वर्मा-837182 रुपए
-अरुण कुमार श्रीवास्तव पिता स्वी पीपी श्रीवास्तव- 864602 रुपए
-छोटेलाल तिवारी पिता बृजमोहन प्रसाद -771933
हर हाल में गे्रच्यूटी का करना होगा भुगतान
5 सेवानिवृत्त शिक्षकों ने ग्रेच्युटी भुगतान नहीं होने के संबंध में मामला लगाया था। मामले में करीब एक साल पहले फैसला हो चुका है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा आदेश के बाद भी गे्रच्युटी भुगतान नहीं करने पर नोटिस भी जारी किया गया था। जिसमें भुगतान नहीं करने पर वसूली की चेतावनी दी गई थी। मामले में अपील की समय सीमा भी खत्म हो चुकी है। जिससे हर हाल में गे्रच्युटी का भुगतान करना होगा।
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