Recent News

Breaking News

सरकारी अस्पतालों जीवनरक्षक दवाओं का टोटा

bihar vidhan sabhaपटना। बिहार विधानसभा में विपक्षी पार्टी भाजपा ने प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में जीवन रक्षक सहित अन्य दवाओं की कमी को लेकर राज्य की नीतीश कुमार सरकार पर हमला बोला।    बिहार विधानसभा में शून्यकाल के दौरान भाजपा सदस्य प्रेम कुमार द्वारा उक्त मामला उठाए जाने पर प्रतिपक्ष के नेता नंदकिशोर यादव सहित अन्य विपक्षी विधायक सीट से उठकर सदन के बीचों-बीच आ गए और सरकार विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी।    संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार ने भाजपा सदस्यों पर खबरों के माध्यम से प्रचार पाने हेतु सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार विपक्ष के हर प्रश्न का उत्तर देने को तैयार है ऐसे में सदन में शोरशराबा और हंगामा करने की क्या आवश्यक्ता है? बाद में अपने कक्ष में पत्रकारों को संबोधित करते हुए प्रदेश के पिछले राजग शाासनकाल के दौरान स्वास्थ्य मंत्री रहे नंदकिशोर ने आरोप लगाया कि सरकार के ‘कुशासन’ के कारण बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गयी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जनता परिवार के विलय में व्यस्त हैं और अपनी राजनीतिक व्यस्तता के कारण मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सुशासन की ‘बलि’ चढ़ा दी है।
नंदकिशोर यादव ने कहा कि प्रदेश की पिछली राजग सरकार के कार्यकाल के दौरान बाह्य रोगी विभाग :ओपीडी: में 33 और अस्पताल में भर्ती रोगियों के लिए 112 दवाएं उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया था। लेकिन वर्तमान में बेतिया, जहानाबाद, मुख्यमंत्री के गृह जिला नालंदा और वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री रामधनी सिंह के गृह जिला रोहतास स्थित सरकारी अस्पतालों के ओपीडी में क्रमश: 7, 16, 24 और 26 दवाएं ही उपलब्ध हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की राजधानी पटना के फुलवारीशरीफ स्थित सरकारी अस्पताल में दवाओं की कमी के कारण मरीजों को इंजेक्श लगाया जा रहा है। नंदकिशोर ने आरोप लगाया, ऐसा लगता है कि सरकार को गरीबों की कोई चिंता नहीं और उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया है।    इससे पूर्व जदयू विधायक इजहार अहमद द्वारा राज्य में नकली दवाओं की बिक्री को लेकर पूछे गए एक प्रश्न पर स्वास्थ्य मंत्री रामधनी सिंह ने कहा कि जहां से भी ऐसी शिकायत मिलती है विभाग द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाती है।

No comments