गोपालगंज में बैकुंठपुर समेत 60 सीटों पर लड़ने की तैयारी में लोजपा
पटना। विधानसभा चुनाव में एनडीए के तहत लोजपा गोपालगंज में बरौली विधानसभा, सिवान में एकमा, बड़हरिया, दरौंदा समेत 60 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। लोजपा ने सीटों का चयन भी कर लिया है। साथ ही संभावित उम्मीदवारों के चयन को लेकर भी मंथन शुरू हो गया है। सीटों के बंटवारे पर भाजपा और अन्य सहयोगी दलों से लोजपा जल्द ही बात करेगी। हालांकि, सीटों के तालमेल पर तो लोजपा अपनी बात भाजपा के समक्ष रख चुकी है। लेकिन, निर्णायक दौड़ में आने के पहले अभी और भी बातें होनी हैं। सभी जिलों में लोजपा का प्रतिनिधित्व हो, इसका भी ख्याल सीटों के चयन में पार्टी ने रखा है।
12 सुरक्षित सीटें भी शामिल
जिन 60 सीटों का चयन लोजपा ने किया है, उनमें 12 सुरक्षित सीटें हैं। इनमें दो सीटों अलौली और राजापाकड़ पर तो खुद लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस चुनाव लड़ेंगे। एक सीट कल्याणपुर से सांसद रामचंद्र पासवान के पुत्र चुनाव लड़ेंगे। ए पहली बार चुनाव लड़ेंगे। एनडीए में आने के बाद लोजपा का यह पहला विधानसभा चुनाव है। लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन के बाद पार्टी का हौसला बुलंद है। संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान भी मानते हैं कि लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी और कार्यकतार्ओं में एक स्फूर्ति आई है, जिसकी कमी हो गई थी। विधानसभा में अभी तक सबसे अधिक 29 सीटें लोजपा ने फरवरी, 2005 के चुनाव में जीती थी।
पिछली बार 75 सीट पर लड़ी थी लोजपा
2010 में राजद के साथ गठबंधन में लोजपा 75 सीटों पर चुनाव लड़ी थी, जिनमें मात्र तीन पर विजय मिली थी। वहीं 47 सीटों पर दूसरे स्थान पर थी लोजपा।
इन सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी
मोकामा, फतुहा, जमालपुर, बरबीघा, वारसलीगंज, गोविंदगंज, कल्याणपुर (सु), वारिसनगर, विभूतिपुर, सोनवर्षा (सु), सिमरी बख्तियारपुर, आलमनगर, ठाकुरगंज, पिपरा, त्रिवेणीगंज (सु), अररिया, धमदाहा, मनिहारी, बलरामपुर, भभुआ, राजपुर (सु), चौथम, अलौली (सु), तारापुर, चकाई, सिकंदरा (सु), अमरपुर, वैशाली, लालगंज, राजापाकड़ (सु), चेरिया बरियारपुर, बछवाड़ा, मटिहानी, नालंदा, हिलसा, करगहर, बाबूबरही, शिवहर, रून्नी सैदपुर, बहादुरपुर, गौड़बौराम, बोधगया (सु), गोह, नवीनगर, रफीगंज, कुटुंबा (सु), जगदीशपुर, तरारी, नौतन, गोविंदपुर, नरकटिया, पिपरा, ढाका, घोषी, मखदुमपुर, जहानाबाद, कुढ़नी, बोचहा (सु), मांझी, एकमा, बड़हरिया, दरौंदा और बैकुंठपुर।
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