सेल व ठेकेदारों ने मजदूरों को लगाया लाखों का चूना
आरएमडी सेल प्रबंधन व सेल के ठेकेदारों ने डोलोमाइट के मजदूरों को 70 लाख का चूना लगाया है। केंद्र सरकार की अधिसूचना के आलोक में निर्धारित मजदूरी को दरकिनार कर सेल प्रबंधन एवं ठेकेदारों द्वारा मजदूरों को निर्धारित मजदूरी से कम भुगतान किया गया है। उक्त बातें शुक्रवार को गढ़वा में पत्रकार वार्ता के दौरान पलामू प्रमंडल खान मजदूर संघ के अध्यक्ष सत्यपाल वर्मा, महामंत्री जीवधन साहू व कार्यकारी अध्यक्ष विजय नंदन प्रसाद सिन्हा ने कही। सत्यपाल वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार की अधिसूचना के अनुसार वैसी सभी खदानें जिसकी उपर से जमीन की सतह तक की गहराई 6 मीटर यानी 19 फीट है। वह खदान भूमिगत खदान माने जाएंगे। साथ ही उस खदान में कार्यरत सभी श्रमिक भूमिगत खदान की मजदूरी पाने का कानूनी अधिकार रखता है। खान सुरक्षा निदेशालय रांची क्षेत्र के निदेशक कमलेश शर्मा ने इस संबंध में सेल को जानकारी दी थी। आरएमडी सेल का तुलसीदामर डोलोमोइट खदान के सभी पांच सेक्शन 47 फी से 120 फीट की गहराई में संचालित हैं। इस तरह तुलसीदाम डोलोमाइट माइंस भूमिगत माइंस है। वर्मा ने कहा कि लेतिन तुलसीदामर माइंस के मजदूरों को केंद्र सरकार की अधिसूचना दिनांक 4 मार्च 2014 के अनुसार प्रतिदिन 329 की जगह 273 रुपए, दिनांक 30 सितंबर 2015 के अनुसार 353 प्रतिदिन की जगह 294, दिनांक 30 सितंबर 2016 के अधिसूचना के अनुसार 374 रुपए प्रतिदिन मजदूरी की जगह 312 रुपए प्रतिदिन तथा 17 मार्च 2017 के अनुसार 523 रुपए प्रतिदिन मजदूरी की जगह महज 437 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी दी गई है। इस प्रकार तुलसीदामर डोलोमाइट के 980 मजदूरों को 70 लाख रुपए से ज्यादा ठेकेदार एवं सेल ने चूना लगाया। उहोंने इसकी जांच आरएमडी चीफ विजिलेंस से कराने की मांग की है। वर्मा ने कहा कि तुलसीदामर डोलोमाइट खदान में 980 श्रमिक भविष्य निधि के सदस्य हैं। जिन्हें कार्यरत संवेदकों द्वारा निविदा संख्या 25 वास्ते सन 2013-14 तथा निविदा संख्या 7 वास्ते 2016-17 के शर्तों के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम मजदूरी, ग्रेच्यूटी, पीएफ, बोनस देना कानूनी बाध्यता है।
source: http://www.jagran.com/jharkhand/garhwa-16284351.html
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