गोपालगंज में व्यवसायी की हत्या के विरोध में बाजार बंद
व्यवसायी अस्पताल से निकल शहर के मौनिया चौक, अस्पताल चौक, पोस्ट ऑफिस चौक व ब्रह्मा चौक पर सहित कई चौक-चौराहों पर सड़क प्रदर्शन व आगजनी करने लगे। विरोध प्रदर्शन के दौरान ही सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम होने के बाद गुस्साये व्यवसायी शव को लेकर शहर के मौनिया चौक व ब्रह्मा चौक पर दोबारा पहुंचे और हंगामा करने लगे। व्यवसायी अपराधियों की गिरफ्तारी व मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की मांग कर रहे थे।
मालूम हो कि बुधवार की रात करीब 9 बजे श्याम सिनेमा रोड स्थित कपड़े की दुकान पर शंभू प्रसाद के बेटे गोलू व सतीश थे। इसीबीच कुछ लोग पहुंचे व जबरन कपड़ा लेने लगे। जब दोनों भाइयों ने पैसा मांगा तो विवाद शुरू हुआ और हमलावरों ने चाकू से हमला कर दोनों भाइयों के शरीर पर कई जगह गोद दिया। इससे दोनों व्यवसायी भाई गंभीर रूप से घायल हो गये। इसमें से घायल गोलू की मौत इलाज के लिए गोरखपुर ले जाने के क्रम में हो गई। वहीं एक अन्य भाई सतीश जीवन और मौत से गोरखपुर के अस्पताल में जूझ रहा है। एक हमलावर को लोगों ने पकड़कर पिटाई की और रात में ही पुलिस को सौंप दिया। पकड़ा गया हमलावर मांझागढ़ थाने के कोल्हुआ गांव का मिलन सिंह है। लोगों की पिटाई से घायल मिलन को जब पुलिस इलाज के लिये बाहर भेजने के लिए रेफर कराने लगी तो इसीपर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बुधवार की रात में भी लोगों ने सदर अस्पताल में हंगामा किया। लोगों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। उस समय लोग सदर अस्पताल से वापस चले गये। लेकिन जैसे ही गुरूवार की सुबह मृत व्यवसायी गोलू का शव सदर अस्पताल में लाया गया लोग सड़कों पर उतर आए। चारों तरफ हंगामा व प्रदर्शन होने लगा। इस दौरान एसपी अनिल कुमार सिंह, एडीएम जयनारायण झा, एसडीओ रेयाज अहमद खान, एएसपी अनिल कुमार ने लोगों को समझाया-बुझाया। एसपी का कहना है कि इस मामले में मृतक के भाई विक्की कुमार के बयान पर तीन लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। इनमें मिलन सिंह, रॉकी सिंह व रंजन सिंह शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मिलन व रंजन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इनके राइफल को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले का जल्द ही पर्दाफाश करेगी।
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